आर्थिक रूप से बर्बाद करने वाली 5 आदते.

आर्थिक बर्बादी, आज मै आपको पांच ऐसी आदतों के बारे में बताऊंगा, जो किसी को भी इन्सान को आर्थिक रुप से बर्बाद कर सकती है,

पांचवी आदत – आमदनी से अधिक खर्च

आमनी से अधिक खर्च जिसे – अंग्रेजी में Overspending कहा जाता है, और बिल्कुल देशी भाषा में कहे तो आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया,

आपको याद होगा – आमदनी अट्ठानी और खर्चा रुपैया, नाम से 2001 में गोविंदा और जोनी लीवर और जूही चावला की एक मूवी भी आई थी, इस मूवी में बहुत अच्छे तरीके से समझाने की कोशिश की गई है कि आमदनी से अधिक खर्च करते रहने पर क्या क्या मुसीबते झेलनी पड़ती है,

अगर आप ध्यान से देखेंगे तो आमदनी और खर्च के बीच तीन Equation होते है –

  1. आमदनी = खर्च (आदमनी और खर्च बराबर बराबर) -20%
  2. आदमनी < खर्च (आमदनी से अधिक खर्च) -60%
  3. आदमनी >खर्च (आदमनी से कम खर्च) -20%

सिम्पली, अगर आमदनी से कम खर्च हो तो, लाइफ की ऐसी ही बहुत सारी प्रॉब्लम सोल्व हो जाएगी,

लेकिन हमारे समाज की एक बहुत बड़ी ट्रेजेडी है कि – 80%  से भी अधिक लोगो का समीकरण पहले और दुसरे टाइप का होता है, यानि ज्यादातर लोगो अपनी आमदनी से अधिक ही खर्च करते रहते है और आर्थिक परेशानियों में फसे रहते है,

जबकि सिर्फ 20% या इस से भी कम लोग ही ऐसे होते है जिनकी आमदनी उनके खर्च से ज्यादा होता है,

तो अगर आप तीसरे केटेगरी में आते है – जहा आपके खर्च कम है और आपकी आमदनी ज्यादा है तो, मेरी तरफ से आपको बधाई,

लेकिन अगर आप पहली और दूसरी केटेगरी में आते है – जहा आपके आमदनी और खर्च या तो बराबर या फिर आमदनी से अधिक खर्चे है तो सावधान हो जाइए,

आपकी यह आदत आपको आर्थिक रूप से बर्बाद कर सकती है,

अब ये तो हो गई प्रॉब्लम की बात की अगर आपके खर्च, आपकी आमदनी से अधिक है तो इस वजह से आप बहुत सारे आर्थिक प्रॉब्लम में फसे रहेंगे,

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लेकिन अगर बात कर कि इस प्रॉब्लम का सलूशन क्या है ?

तो सलूशन बड़ा सिंपल सा है – आपके पास दो चोइस है –

पहला – या तो अपनी आमदनी को इतना बढ़ा लो, कि आपकी आमदनी आपके खर्च से अधिक हो जाए,

या फिर दूसरा चॉइस है – आप अपने खर्चो को इतना कम कर लो, कि आपकी आमदनी अधिक हो जाये,

मुझे पता है कि – ज्यादातर लोगो के लिए पहली चॉइस काफी टेढ़ी खीर है क्योकि अपनी आमदनी को रातो रात बढ़ाना इतना आसान तो नहीं है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि अगर आप सही कोशिश करते है, अपने स्किल्स को बढ़ाते है तो जल्द ही आप अपनी आमदनी को बढ़ा सकते है,

तो अगर आप रातो रात अपनी आमदनी नहीं बढ़ा सकते तो इतना तो जरुर कर सकते है कि आप अपने गैर जरुरी खर्चो को कम कर दे,

अब चॉइस आपके हाथ में है,

लेकिन मेरी राय माने तो कुछ भी करे, लेकिन अपने खर्च को अपनी आमदनी से कम रखे, और अपने खर्चो को अपनी आमदनी से कम करके आप बहुत सारी मुसीबतों में फसने से बच सकते है….

चौथी आदत – ऊचे व्याज दर के कर्ज

चौथे नंबर के आदत की जो आपको आर्थिक रूप से बर्बाद कर सकती है, और वो है –

High Interest Debts, जिसे हिंदी में कहे तो – महंगे व्याज दरो पे लिया जाने वला कर्ज, या उधारी,

महंगे व्याज दरो से मतलब है – शादी व्याह के लिए साहुकारो से लिया जाने वाला कर्ज, पर्सनल लोन या फिर क्रेडिट कार्ड के कर्ज, और अन्य तमाम तरह के कर्ज, जो कभी ख़त्म होने का नाम ही नहीं लेते,

कर्ज का अपना एक जाल होता है, जिसमे फस जाने के बाद, आपने एक कर्ज खत्म किया, वैसे ही दूसरा शुरू हो जाता है, फिर तीसरा और फिर चौथा ये सिलसिला चलता रहता है,

आज अगर आप ध्यान से देखोगे तो 80% लोग कर्ज के जाल में फसे हुए है, और जिसकी शुरुआत होती है छोटे मोटे लोन से ही होती है,

तो अगर आप आर्थिक रूप से बर्बाद नहीं होना चाहते है तो आप उचे व्याज दरो पे लिए जाने वाले कर्ज, क्रेडिट कार्ड और अन्य सभी चीजो से दूर रहे,

सिम्पल सी बात ये है कि- अगर आपकी आमदनी ज्यादा है और खर्च कम है तो आपको कर्ज की जरूरत होगी ही नहीं,

इसलिए ये बहुत ज्यादा जरुरी है कि – भले ही आपकी आमदनी कम हो ज्यादा, लेकिन आपका खर्च आपकी आमदनी से हमेशा कम होना बहुत ज्यादा जरुरी है …..

क्योकि – अगर आपके खर्च ज्यादा है और आमदनी कम है तो आपको कर्ज की जरूरत पड़ेगी ही पड़ेगी, और फिर वो कर्ज कम व्याज दर पे हो कि ज्यादा व्याज दर पे, क्या फर्क पड़ता है,

लेकिन याद रखे …कर्जो को हल्के में लेने की आपकी ये सोच एक दिन आपको आर्थिक रूप से तबाह कर सकती है ….

तीसरी आदत – दिखावेपन के लिए खर्च

और आइए अब बात करते है –उस तीसरी आदत की जो आपको आर्थिक रूप से तबाह कर सकती है वो है – False Show Off की लाइफ यानि झूठी शान शौकत की जिंदगी

और दुसरे शब्दों में कहे तो अपने पड़ोसी ,रिश्तेदारों या दोस्तों से प्रतियोगीता,

आम तौर पर अच्छे अच्छे परिवारों के आर्थिक रूप से बर्बाद होने का सबसे बड़ा कारण होता है – अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, या पडोसी को दिखाने के लिए उन चीजो को खरीदना जिसकी आपको जरूरत नहीं होती,

होता ये है कि – पडोसी ने ख़रीदा है तो मुझे भी जरुर खरीदना चाहिए…भले ही मेरी फाइनेंसियल कंडीशन जो भी हो….

और चलो ठीक है – हर आदमी अच्छा दिखना और दुसरो से तारीफ़ चाहता है, लेकिन क्या इसका मतलब ये है कि हम इस पड़ोसियों से झूठी शान शौकत दिखाने के चक्कर में अपनी आमदनी से अधिक खर्च करने लगे, और उचे व्याज दरो पर, बड़ी गाड़ी और बड़ी टीवी खरीद ले,

ये तो बिल्कुल भी समझदारी नहीं है, और इस तरह की आदत जब आप दुसरो को दिखाने के चक्कर में और दुसरो से तुलना करते हुए खरीददारी करते है तो आपका आज नहीं तो कल आर्थिक रूप से तबाह होना बिलकुल निश्चित हो जाता है,

तो भाइयो और बहनों, कभी भी इस तरह की गलती ना करे, पडोसी हो, दोस्त हो या रिश्तेदार ,हर आदमी की अपनी खुद की जिंदगी होती है, उनकी जिंदगी से अपनी जिंदगी की तुलना ना करे,

उतना ही खर्च करे जो आपकी आमदनी में संभव हो और दिखावे के लिए कभी भी अपनी आमदनी से अधिक खर्च न करे और ना ही कर्ज लेकर शौपिंग करे…

आर्थिक बर्बादी का दूसरा कारण – फटाफट चाहिए की मानसिकता

और आइए अब बात करते है, उस दुसरे नंबर के आदत की, जो आपको आर्थिक रूप से बर्बाद कर सकती है, और वो है – Impulsive Buying और Instant Gratification में जीना,

अगर दुसरे शब्दों में , इस आदत से मेरा मतलब है – इंसान के अन्दर धैर्य यानि पेसेंस और अनुशाशन यानि फाइनेंसियल discipline की कमी,

और इस आदत की वजह से होता है कि – अगर आपने अपनी मेहनत से और अपने आपके ऊपर काफी कण्ट्रोल करके कुछ महीने तक आपने बचत तो कर ली लेकिन जल्द ही अगर एक नया फोन लांच हो गया, तो आपसे रहा नहीं जा रहा और आप वो नया मॉडल का फोन ख़रीद ले रहे है, जबकि आपका पुराना फोन लिए बहुत ज्यादा दिन नही हुआ और उस फोन से आपको कोई खास दिक्कत भी नहीं है,

और इसी तरह आप टीवी पर , अख़बार में , इन्टरनेट पर , अमेज़न और फिल्प्कार्ट पर भी बहुत बड़ा सेल लगा है और बहुत बड़ा डिस्काउंट ऑफर चल रहा है, इस तरह के ad देखकर अपने आप पर नियंत्रण नहीं रख पाते है और बिना सोचे समझे शौपिंग कर लेते है,

और फिर जब पता चलता है कि आप आमदनी से अधिक खर्च कर रहे है और जो बचत के पैसे थे वो भी खर्च हो चूका है तो सिवाय अफ़सोस के कुछ नहीं कर सकते….

दोस्तों , आज इतने भयंकर तरीके से नए नए सामान को बेचने की मार्केटिंग की जाती है , कि अच्छे अच्छे लोग भी नहीं बच पाते है ऐसे में अगर आपमें थोड़ा भी अनुशाशन है और आपमें धैर्य की कमी है तो आप जल्द ही अपने सारे पैसे गवा सकते है,

और वापस कर्ज EMI के जाल में फ़स कर अपनी आर्थिक जिन्दगी तबाह कर सकते है ..

सबसे बड़ी वजह (पहला कारण ) – आर्थिक शिक्षा का अभाव

और आइये बात करते है – उस सबसे बड़ी आदत की जिसकी वजह से लोग आर्थिक परेशानी और आर्थिक तबाही के दलदल में फस जाते है और वो है –  आर्थिक समझदारी का आभाव,

यानि फाइनेंसियल एजुकेशन, और नॉलेज का अभाव,

सच कहू तो फाइनेंसियल समझदारी और कुछ नहीं बल्कि नार्मल कॉम्मन सेंस है जो ये कहता है कि – या तो अपनी आमदनी को बढ़ा लो या फिर अपने खर्च कम कर लो,

फाइनेंसियल समझदारी जो सिखाता है कि – असली और नकली सम्पति क्या है ?

इसके अलावा फाइनेंसियल समझदारी जो फ़टाफ़ट अमीर बनने के जाल में फसने से बचाती है, जबकि ज्यादातर फटाफट अमीर बनने के चक्कर में  Get Quick Rich में फसकर अपने बहुत सारे पैसे गवा देते है,

साथ ही – फाइनेंसियल समझदारी जो एक और बहुत महत्वपूर्ण सबक ये सिखाती है – Compounding की शक्ति आपके लिए कैसे काम कर सकती है और किस तरह इसे ignore करने से और कर्ज और EMI के जाल में फसने से ये आपके खिलाफ काम करके आपको आर्थिक रूप से तबाह कर सकती है …..

तो ये थे वे 5 इम्पोर्टेन्ट पॉइंट्स जो आपको जरुर ध्यान में रखना चाहिए, ताकि कही आप भी किसी तरह के आर्थिक समस्या में फसने से बच सके ….और साथ ही कमेंट करके जरुर बताइए कि इसमें कौन से पॉइंट्स ऐसा लगा जिसके बारे में आपको सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है,

पोस्ट पुरा पढने के लिए आपका धन्यवाद.

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