फाइनेंसियल स्टेटमेंट क्या होता है ?

फाइनेंसियल स्टेटमेंट का महत्व

फाइनेंसियल स्टेटमेंट के इम्पोर्टेंस को समझाने के लिए रिच डैड पुअर डैड के लेखक रोबर्ट कियोसाकी कहते है कि –

“जिस तरह स्कूल और कॉलेज में पढने वाले सभी बच्चो का हर साल उनके प्रोग्रेस और उनकी सफलता और असफलता को दिखने के लिए एक मार्क शीट या रिपोर्ट कार्ड बनाया जाता है,

ठीक उसी तरह से, रियल लाइफ में हम सभी का अपना खुद का फाइनेंसियल स्टेटमेंट होता है, चाहे हम इसे जानते हो या नहीं, और हमारा यही फाइनेंसियल स्टेटमेंट, यानि रिपोर्ट कार्ड इस बात को बताता है कि हम जीवन में फाइनेंसियली कितने सफल और कितने असफल है?

इसके आलावा “रोबर्ट कियोसाकी” फाइनेंसियल स्टेटमेंट के महत्व को समझाने के लिए एक और एक्साम्प्ल देते है कि –

जब आप किसी बैंक से बिज़नस के लिए या किसी भी दुसरे PURPOSE के लिए अगर लोन मांगने जाते है, तो बैंक इस बात को बहुत कम महत्व देती है कि – आप पढ़े लिखे कितने है ? आपके पास क्या क्या डिग्री है ?

बैंक सबसे पहले आपसे, आपका फाइनेंसियल स्टेटमेंट मांगती है, ताकि बैंक समझ सके कि आपकी आर्थिक स्थिति वास्तव में कैसी है, आप फाइनेंसियली कितने सफल है, और क्या आपमें लोन लिए जाने वाले पैसे को चुकाने और पैसे को सही तरीके से सँभालने की योग्यता है या नहीं ?

और अंत में,

बैंक उनको ही लोन देती है जिनके फाइनेंसियल स्टेटमेंट अच्छे होते है, न की डिग्री.

Robert Kiyosaki – RICH DAD POOR DAD

Financial Statement की समझ किसे है ?

अब प्रॉब्लम ये है कि –काफी सारे लोग फाइनेंसियल स्टेटमेंट के बारे में काफी कुछ जानते है लेकिन वास्तव में फाइनेंसियल स्टेटमेंट की शक्ति और ये किस तरह से काम करता है ? ये बात बहुत ही कम लोग जानते है,

यहाँ तक कि – कॉमर्स बैकग्राउंड से पढाई करने वाले लोगो और बड़ी बड़ी कंपनी में एकाउंटिंग फील्ड में काम करने वाले लोग भी इस छोटी सी बात को भूल जाते है, उनको लगता है कि सिर्फ बिज़नस और कंपनी का ही फाइनेंसियल स्टेटमेंट होता है,

लेकिन सच्चाई तो ये है कि हर एक आदमी जो पैसे का लेंन देंन करता है, उसका अपना खुद का एक फाइनेंसियल स्टेटमेंट होता है, चाहे वह व्यक्ति इस बात को समझता हो या नहीं?

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि – आप मेरी बातो से अग्री करे या डिस अग्री, लेकिन सच्चाई यही है कि – हम में से हर एक का अपना खुद का फाइनेंसियल स्टेटमेंट होता है,

इसके आलावा हर एक सम्पति, हर एक बिज़नस, और हर एक कंपनी जो पैसे का लेंन देन करती है, उस का अपना खुद का एक फाइनेंसियल स्टेटमेंट होता है, जो बताता है कि – वह उस सम्पति या वह बिज़नस को लाभकारी  है या नुकसानदायक,

इसलिए अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति सुधारना चाहते हो या फिर आप लाभकारी निवेश करना चाहते हो, दोनों ही केस में सबसे पहले आपको फाइनेंसियल स्टेटमेंट के बारे में अच्छी जानकरी रखनी होगी,

आपको, कुछ बाते काफी अच्छे से समझना होगी कि –

  1. फाइनेंसियल स्टेटमेंट क्या होता है? (क्या क्या शामिल है इसमें)
  2. फाइनेंसियल स्टेटमेंट कैसे काम करता है ? (क्या फायदा है? क्यों बनाये ? कैसे काम करता है ?)
  3. आप अपना फाइनेंसियल स्टेटमेंट कैसे बना सकते है ? और
  4. अपनी मनचाही आर्थिक सफलता के लिए आपको अपने फाइनेंसियल स्टेटमेंट में क्या क्या सुधार करते रहना चाहिए ?

हिंदी फाइनेंसियल एजुकेशन – एक कदम आर्थिक स्वतंत्रता की ओर, की तरफ से इन चारो टॉपिक को मै चार अलग अलग पोस्ट में आप तक लाने की कोशिस कर रहा हु – और इस क्रम में आज के इस टॉपिक में मै आपसे डिटेल में बात करने वाला हु कि –

फाइनेंसियल स्टेटमेंट क्या होता है?

फाइनेंसियल स्टेटमेंट दरअसल एक एकाउंटिंग टर्म है, जिसका हिंदी मतलब होता है, – आर्थिक विवरण पत्र,

यानी वे सभी इम्पोर्टेन्ट डाक्यूमेंट्स रिपोर्ट पेपर, जो हमें किसी सम्पति, किसी बिज़नस, किसी कम्पनी और यहाँ तक की किसी इंडिविजुअल व्यक्ति के आर्थिक स्थिति के बारे में निश्चित जानकारी बताते है, उसे फाइनेंसियल स्टेटमेंट कहा जाता है, जैसे – प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट और cash फ्लो स्टेटमेंट

और जैसे मैंने पहले कहा – पैसे का लेन देन करने वाले हर एक व्यक्ति, बिज़नस और सम्पति का अपना एक फाइनेंसियल स्टेटमेंट होता है,

और इसलिए, किसी बिज़नस का प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट और cash फ्लो स्टेटमेंट रिपोर्ट्स, उस बिज़नस के फाइनेंसियल स्टेटमेंट कहे जायेंगे,

ध्यान दीजिए कि –

प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट, और cash flow स्टेटमेंट, इन तीनो को एक साथ मिलाकर ही फाइनेंसियल स्टेटमेंट कहा जाता है,

फाइनेंसियल स्टेटमेंट के 3 भाग

पहला – प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, (जिसे इनकम स्टेटमेंट के नाम से जाना जाता है,)

दूसरा – बैलेंस शीट, और

तीसरा – कैश फ्लो स्टेटमेंट,

अब, आइए ये देखते है कि – फाइनेंसियल स्टेटमेंट के ये तीनो रिपोर्ट , अलग अलग मामलो जैसे – बिज़नस, इंडिविजुअल और सम्पति के केस में हमें किस तरह की अलग अलग जानकारी प्रदान करते है –

बिज़नस का प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट

किसी बिज़नस के प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट स्टेटमेंट में दो पार्ट होते है – एक साइड होता है इनकम और दूसरा होता है – EXPENSE

इनकम साइड से हमें पता चलता है कि– किसी बिज़नस का कुल इनकम कितना है, उसका सेल्स कितना और उसके पास इनकम के दुसरे सोर्स क्या क्या है?

और एक्सपेंस वाले साइड को देखकर ये समझ आता है कि – उस बिज़नस का कुल खर्च कितना है, और वह बिज़नस किस चीज पर कितना खर्च कर रही है ?

और फिर अंत में –अगर बिज़नस का इनकम कम है और खर्च ज्यादा है, तो इसका मतलब वह बिज़नस लोस में है और हमें देख सकते है कि बिज़नस वास्तव में कितने लोस में है, 

और अगर उस बिज़नस के एक्सपेंस कम है और इनकम ज्यादा है तो बिज़नस में होने वाला लाभ और उसकी मात्रा को भी हम देख पाते है, जिसे नेट इनकम कहा जाता है,

इस तरह प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट से हमें, किसी पर्टिकुलर टाइम पीरियड जैसे – हर साल  बिज़नस के होने वाले नेट प्रॉफिट और नेट लोस की पिक्चर को आसानी से देख सकते है,

पर्सनल इनकम स्टेटमेंट

अब बात करते है – प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट किसी इंडिविजुअल के केस में कैसे काम करता है –

दोस्तों, इंडिविजुअल यानी आप या मै , जो कि व्यक्तिगत तौर पर आमदनी कमाते है और खर्च करते है, इसलिए व्यक्तिगत मामलो में प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट को इनकम स्टेटमेंट कहना ज्यादा बेहतर लगता है,

तो अगर आप किसी भी इंडिविजुअल व्यक्ति के प्रोफिट एंड लोस अकाउंट या फिर इनकम स्टेटमेंट को देखते है तो उस रिपोर्ट में भी आपको आपको दो कॉलम मिलेंगे –

पहला – इनकम साइड और दूसरा एक्सपेंस साइड,

ज्यादातर लोगो के इनकम साइड में सिर्फ एक ही इनकम सोर्स होता है – और वो है इनकम फ्रॉम सैलरी, और दुसरे कॉलम एक्सपेंस साइड में बहुत सारे खर्च हो सकते है,

और अंत में आपको तीन रिजल्ट देखने को देख सकते है कि –

पहला – इनकम कम और एक्सपेंस बराबर है, ओके ओके सिचुएशन,

दूसरा – इनकम कम है और एक्सपेंस ज्यादा है, फाइनेंसियल प्रॉब्लम सिचुएशन,

और तीसरा – इनकम ज्यादा है और एक्स्पेंसेस कम है, फाइनेंसियल अच्छी सिचुएशन,

तो इस तरह एक इंडिविजुअल आदमी सिम्पली अपना इनकम स्टेटमेंट बना कर ये चेक कर सकता है कि – उसका इनकम स्टेटमेंट उसकी आर्थिक स्थिति को किस तरह से बता रहा है, और फिर वो समझ सकता है कि उसे अपने फाइनेंसियल पोजीशन में सुधार करने के लिए क्या बदलाव करने की जरुरत है,

सम्पति का प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट

अब बात करते है – किसी सम्पति के प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट के बारे में,

किसी सम्पति के प्रोफिट एंड लोस अकाउंट अकाउंट में भी हमें दो कॉलम देखने को मिलते है, पहला इनकम और दूसरा एक्स्पेंसेस,

इनकम साइड में अगर वह घर किराये पर दिया गया हो तो किराये का इनकम देखने को मिलेगा, लेकिन अगर उसे किराये पर नहीं दिया गया हो तो इनकम 0 भी हो सकता है,

जबकि उस सम्पति के एक्सपेंस साइड में बहुत सारे खर्च देखने को मिल सकते है –

जैसे – बिल्डिंग MAINTENANCE बिल्स, लाइट और पानी बिल, प्रॉपर्टी टैक्स, प्रॉपर्टी इन्सुरांस, और अन्य रिपेयर एंड मैन्तैनांस खर्च, और इसके आलावा एक सबसे बड़ा खर्च भी सकता है अगर उस प्रोपर्टी पर लोन है तो उस लोन की हर महीने की क़िस्त.

तो इस तरह आप, उस सो कॉल्ड सम्पति के फाइनेंसियल स्टेटमेंट के इनकम स्टेटमेंट पार्ट को देखकर सही तरह से आकलन कर सकते है कि – क्या सच में आपको उस सम्पति को खरीदना चाहिए या नहीं ?

और अगर आपने उस सम्पति को ख़रीदा हुआ है तो उसे किस तरह से प्रॉफिटेबल बना सकते है,

बैलेंस शीट,

 बैलेंस शीट हमें बताता है कि – किसी बिज़नस, इंडिविजुअल या सम्पति के पास कुल कितनी एसेट या सम्पति मूल्य है, और उस बिज़नस पर कुल कितनी लाइबलिटी यानि कुल कितने दायित्व या कर्ज है,

और इस तरह बैलेंस शीट को देखने पर हमें तीन बाते पता चलती है –

पहला – सम्पति और दायित्व बराबर बराबर – फाइनेंसियली ओके ओके सिचुएशन,

दूसरा – सम्पति कम और दायित्व ज्यादा – फाइनेंसियली बुरे कंडीशन का संकेत,

तीसरा – सम्पति अधिक और दायित्व कम, फाइनेंसियली अच्छे कंडीसन का संकेत,

अब जब आप फाइनेंसियल स्टेटमेंट में सम्पति और दायित्व को देखते है, तो आपको सम्पति और दायित्व की सही परिभाषा जरुर पता होनी चाहिए, जो रोबर्ट कियोसाकी ने अपनी किताब रिच डैड पुअर डैड में बड़े आसान शब्दों में बताया है –

एसेट यानि सम्पति वो सारी चीजे है जो हमारी जेब में पैसे डालती है,

और लिबिलिटी और दायित्व वे चीजे है जो हमारी जेब से पैसे निकालती है,

तो इस तरह फाइनेंसियल स्टेटमेंट का ये दूसरा पार्ट बैलेंस शीट को सही तरह से समझना बहुत इम्पोर्टेन्ट है,

कभी कभी लोग उन चीजो को भी अपनी सम्पति मानते है, जो हर महीने उनकी जेब से पैसे निकालती है, जबकि सच्ची सम्पति की परिभाषा है जो हमारी जेब में पैसे डाले,

जैसे – एक ऐसी कार या गाड़ी, सच्ची सम्पति नहीं हो सकती, जिस से कोई पैसा हमारी जेब में  नहीं आ रहा है बल्कि हर महीने उस गाड़ी को चलाने और उसके रख रखाव में बहुत सारे पैसे हमारी जेब से जाते है,

तो इस तरह जब आप फाइनेंसियल स्टेटमेंट और उसमे शामिल चीजो का सही सही मतलब समझने लगते है तो आप असली फर्क को देख सकते है और समझ सकते है कि –

लोगो के आर्थिक प्रॉब्लम का सही कारण क्या है ?

जाने में अंजाने में लोग सम्पति नहीं खरीदते है बल्कि वे ऐसा दायित्व खरीदते है जो उनके खर्चो को बढ़ाती रहती है, और लोगो की सैलरी बढ़ने के बावजूद उनकी फाइनेंसियल प्रॉब्लम कम नहीं होती,

इसके बारे में डिटेल में हम अगली विडियो में बात करेंगे जब देखेंगे कि फाइनेंसियल स्टेटमेंट कैसे काम करता है?

आइए अब बात करते है फाइनेंसियल स्टेटमेंट के तीसरे पार्ट के बारे में जो है –

Cash Flow Statement

कॅश फ्लो स्टेटमेंट हमें बताता है कि – किसी बिज़नस, इंडिविजुअल और सम्पति के पास के पास कुल Cash कितना और कहा से आ रहा है,

और जो भी Cash आ रहा है वह cash कहा पर और कितना खर्च किया जा रहा है, और अंत में आपके पास कितना CASH बच रहा है,

कॅश फ्लो स्टेटमेंट इस बात को स्पस्ट करता है कि – वास्तव में किसी बिज़नस, इंडिविजुअल या सम्पति के पास सेल्स करने से पैसा आ रहा है, या कही ऐसा तो नहीं कि कर्ज लेने या किसी सम्पति के बेचने से CASH आ रहा है ,

क्योकि – अगर CASH कर्ज लेने और सम्पतियो को बेचने से आ रहा है तो ये बिज़नस के लिए अच्छी बात नहीं है, क्योकि बिज़नस में CASH सिर्फ SALES और INVESTMENT से ही आना चाहिए,

तो इस तरह फाइनेंसियल स्टेटमेंट के तीनो पार्ट – प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट और कॅश फ्लो स्टेटमेंट, इन तीनो रिपोर्ट को देखकर हम किसी बिज़नस, सम्पति, या किसी पर्सन और खुद की भी फाइनेंसियल पोजीशन को काफी सही तरह से देख सकते है,

SUMMARY – FINANCIAL STATEMENT

“फाइनेंसियल स्टेटमेंट” वास्तव में तीन रिपोर्ट का एक जॉइंट नाम है, और इसलिए जब भी आपके सामने फाइनेंसियल स्टेटमेंट के बारे में बात हो तो आपको ये समझना है कि – बात दरअसल, प्रॉफिट एंड लोस अकाउंट, बैलेंस शीट और कॅश फ्लो स्टेटमेंट के बारे में ही की जा रही है,

आशा करता हु आपको FINANCIAL STATEMENT का टॉपिक जरुर पसंद आया होगा और आपके फाइनेंसियल एजुकेशन को इम्प्रूव करने में जरुर कुछ हेल्प मिला होगा,

पोस्ट पूरा पढने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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