अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते

Rich People Don’t Work For Money

(अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते – इसका क्या मतलब है, तो आखिर अमीर किसके लिए काम करते है ? )

रिच डैड पुअर डैड इस बुक का पहला और सबसे इम्पोर्टेन्ट लेसन है –

“अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते, Rich People Don’t Work For Money

और अगर आप भी अमीर बनना चाहते है तो आपको भी पैसे के लिए काम नहीं करना चाहिए,

लेकिन,

ये स्टेटमेंट सुनकर थोड़ा अजीब भी लगता है और  एक बहुत बड़ा सवाल हमारे मन ये आता है कि –

अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते, इसका मतलब क्या है ?

और अगर अमीर पैसे के लिए काम नहीं करते तो फिर किस चीज के लिए काम करते है,

आज के इस Article में मैं आपसे इसी सवाल के जवाब के बारे में बात करने वाला हु, और बेसिकली इस वीडियो में आप ये जानेंगे की –

अमीर लोग पैसे के लिए काम क्यों नहीं करते है ?

और अगर वो पैसे के लिए काम नहीं करते तो आखिर किस चीज के लिए काम करते है ?

और अगर आप भी सच में अमीर बनना चाहते है तो आपको क्या करना चाहिए ?

तो चलिए सबसे पहले बात करते है –

अमीर लोग पैसे के लिए काम क्यों नहीं करते है ?

तो दोस्तों, ये समझने से पहले कि अमीर लोग पैसे के लिए क्यों काम नहीं करते, हमें ये समझना जरुरी है कि आखिर पैसे के लिए काम करने का मतलब क्या है ?

पैसे के लिए काम करने का मतलब क्या है ?

सिम्पली पैसे के लिए काम करने का मतलब है कि – आप कोई काम इसलिए करते है कि आपको वो काम करने से पैसे मिलेंगे , आप करते है और आपको उस काम को करने के बदले तुरंत ही पैसे मिल जाते है

 जैसे –

अगर आप नौकरी करते है तो आपको उसके बदल  हर महीने सैलरी मिल जाती है,

ऐसे ही कोई डेली बेस पे काम करता है तो इसे डेली वेज के रूप में पैसे मिल जाते है,

और अगर कोई कोई प्रोजेक्ट पे काम करता है तो उस  प्रोजेक्ट के हिसाब से उसे पैसे मिल जाते है,

वैसे ही अगर कोई  घंटे के हिसाब से काम करे तो उसे घटने के हिसाब से पैसे मिल जाते है,

तो इस तरह जब किसी को काम को करने से , उसके बदले सीधे सीधे पैसे मिल जाते है, तो  उसे ही बेसिकली पैसे के लिए काम करना कहा जाता है,

और अंग्रेजी में इस कांसेप्ट को  ट्रेडिंग टाइम फॉर मनी यानि पैसे के लिए अपना समय बेचना कहा जाता है,

दूसरे शब्दो में ,

ट्रेडिंग योर टाइम फॉर मनी यानि पैसे के लिए काम करने का मतलब है –

एक्टिव इनकम के लिए काम करना, और एक्टिव इनकम का मतलब होता है, इस तरह की आमदनी जिसमे हम जितने समय के लिए हम  एक्टिव रूप से काम करते है, उतने समय के लिए हमें पैसा मिल जाता है,

जैसे – अगर हमने एक घंटे काम किया तो हमें एक घंटे का पैसा मिल जाता है,और अगर हमने ८ घंटे काम किया तो ८ घंटे का पेमेंट मिल जाता है,

और इस तह एक्टिव इनकम में  हमें हमारे काम के बदले सिर्फ एक बार ही पैसा मिलता है, और इसे ही पैसे के लिए काम करना कहा जाता है,

और आप देखेंगे कि 9०% से ज्यादा लोग इस तरह से सीधा सीधा एक्टिव इनकम यानि पैसे के लिए काम करते है, ९०% लोग वास्तव में यही चाहते भी है कि वे जैसे ही काम करे उनको उसका पैसा तुरंत मिल जाये,

और इसी मानसिकता को ही पैसे के लिए काम करना कहा जाता है, जब हम ये सोच कर काम करते है कि – हम काम तभी करेंगे जब हमें पैसे मिलने की गारंटी हो, और जितनी देर हमें करेंगे उतनी देर के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पैसा मिल जाये

पैसे के लिए काम करने के साथ सबसे बड़ी प्रॉब्लम

लेकिन आप देखेंगे कि – इस तरह एक्टिव इनकम और पैसे के लिए काम करने के साथ सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये है कि अगर हम काम करना बंद कर देते है तो हमारी आमदनी भी बंद हो जाती है,

जैसे – जॉब यानि नौकरी के केस में अगर हम काम करना बंद कर दे, तो हमें सैलरी मिलना भी बंद हो जाता है, ठीक वैसे ही अगर हम छोटा मोटा बिज़नस करते है और किसी दिन अगर अपनी दूकान ना खोले तो भी हमारी आमदनी बंद हो जाती है,

तो अब अगर बिलकुल एक लाइन में कहा जाये तो पैसे के लिए काम करने का मलतब है – एक्टिव इनकम के लिए काम करना, और अमीर लोग इस तरह से पैसे के लिए काम नहीं करते,

यानि अमीर लोग पैसे के लिए काम करने का सीधा सीधा मतलब ये है कि – अमीर लोग एक्टिव इनकम के लिए काम नहीं करते,

यहाँ पर मैं आपको बता दू कि – इनकम तीन तरह के होते है एक्टिव इनकम, पैसिव इनकम और पोर्टफोलियो इनकम,

और जैसा मैंने कहा – अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते, इसका एक लाइन में मतलब ये है की – पैसे के लिए काम करने का मतलब होता है एक्टिव इनकम के लिए काम करना और  अमीर लोग एक्टिव इनकम के लिए काम नहीं करते,

—–
तो आई हॉप कि यहाँ तक आपको ये क्लियर हो गया कि – अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करता, इस बात का क्या मतलब है,

आइये अब बात करते है – अगर अमीर लोग पैसे के लिए यानि एक्टिव इनकम के लिए काम नहीं करते, तो आखिर किसके लिए काम करते है ?

तो दोस्तों

जैसा मैंने कहा – इनकम तीन तरह के होते है

पहला -एक्टिव इनकम

दूसरा  -पैसिव इनकम

और तीसरा – पोर्टफोलियो इनकम

और अब तक हम इस बात को समझ चुके है कि अमीर लोग एक्टिव इनकम के लिए काम नहीं करते यानि कि अमीर लोग पैसिव इनकम और पोर्टफोलियो इनकम के लिए काम करते है,

रिच डैड की भाषा में अमिर लोग ऐसे एसेट बनाने के लिए काम करते है, वे पहले एसेट यानि सम्पति बनाते है,

और जो एसेट यानि सम्पति वो बनाते है, उस एसेट से जो उनको इनकम होती है, वो पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम के रूप में होती है,

और ये अमीर लोगो का एक बहुत बड़ा सीक्रेट है कि –  अमीर लोग पैसे के लिए यानि एक्टिव इनकम के लिए काम नहीं करते बल्कि वास्तव में अमीर लोग एसेट यानि सम्पति बंनाने के लिए काम करते है, और वे जो सम्पति बनाते है, उस सम्पति से जो उनको कॅश फ्लो के रूप में पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम होता है, उस से वे और अमीर बनते जाते है,

तो सिम्पली देखा जाये तो अमीर’ लोग पैसे के लिए यानि एक्टिव इनकम के लिए काम नहीं करते, बल्कि आमिर लोग पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम के लिए काम करते है, क्योकि वे जानते हैं कि असली अमीर वही होता है जिसके पास उसके खर्चो से दोगुना या उस से ज्यादा का पैसिव या पोर्टफोलियो इनकम हो,

और इसीलिए अमीर लोग पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम बनाने के लिए सबसे पहले ऐसी सम्पति यानी एसेट बिल्ड करते है, जिस से कि उनको पॉजिटिव कॅश फ्लो के रूप में आमदनी हो ,

और मोस्टली जो अमीर लोग एसेट यानि सम्पति बिल्ड करते है, और जिन एसेट के लिए वे काम करते है  वे एसेट पांच तरह के होते है –

पहला – छोटा या बड़ा सिस्टेमेटिक बिज़नस, जो सिस्टम से चलता हो, और अगर मालिक प्रेजेंट ना  रहे तो भी वो बिज़नस आराम से चलता रहता है, और आमदनी होती रहती है

दूसरा – रियल एस्टेट यानि प्लाट, जमींन, घर, दूकान, गो डाउन, हॉस्टल, जहा से किराये के रूप में आमदनी हो, और अगर बहु ज्यादा भाव बढने पर उसको बेच कर भी लाभ कमाया जा सकता हो,

तीसरा – पेपर एसेट, यानि स्टॉक बांड और म्यूच्यूअल फण्ड, बैंक डिपॉजिट्स और दूसरे इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो 

और चौथा –  कमोडिटी – यानि गोल्ड , सिल्वर आयल और दूसरे कमोडिटी

और पांचवा – इंटेलेक्चुअल एसेट जैसे – रॉयल्टी, पेटेंट, कॉपीराइट, ऑथोरिटी,

तो अगर  मैं अपनी बात को summrize कर तो –

 अमीर लोग पैसे के लिए यानी एक्टिव इनकम के लिए काम नहीं करते, बल्कि अमीर लोग ऐसे एसेट बनाने और ऐसी सम्पति जैसे – बिज़नस, रियल एस्टेट, गोल्ड, सिल्वर, स्टॉक बांड म्यूच्यूअल फण्ड,  बनाने के लिए काम करते है, जिनसे उनको पॉजिटिव कॅश फ्लो के रूप पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम हो,

और सच तो ये है कि – कोई इंसान तभी असली अमीर बन पाता है और फाइनेंसियल फ्रीडम हासिल कर पाता है जब उसके पास पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम हो ना कि एक्टिव इनकम,

और उसका पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम , उसके स्टैण्डर्ड लाइफस्टाइल के खर्च से काम से काम दो गुना हो,

और

इसलिए अगर आप भी सच में अमीर बनना चाहते है , फाइनेंसियली फ्री होना चाहते है तो आपको एक्टिव इनकम के साथ साथ ऐसे एसेट यानि सम्पति बनाने के लिए काम करना होगा, जिस से कि आपको पैसिव और पोर्टफोलियो इनकम होने लगे,,

और जैसे महीने कहा –

एसेट पांच तरह के होते है

पहला – बिज़नस छोटे या बड़े बिज़नस

दूसरा – रियल एस्टेट प्लाट लैंड घर दुकान गोडाउन

तीसरा – कमोडिटी गोल्ड सिल्वर , धातु

चौथा – पेपर एसेट स्टॉक बांड म्यूच्यूअल फण्ड

और पांचवा – इंटलेक्चुअल एसेट जैसे रॉयल्टी, पेटेंट, कॉपीराइट, ऑथोरिटी

तो अगर आप इन सम्पतियों को बनाने के लिए काम करते है , तो आप भी जरूर फाइनेंसियल फ्री हो सकते है और अमीर बन सकते है,’

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