कुछ बाते “शिक्षा” के बारे में

शिक्षा क्या है ?

एक दम आसान भाषा में कहे तो शिक्षा ज्ञान हासिल करने की प्रक्रिया है, और ज्ञान कई तरह के होते है जैसे – भाषा, विज्ञानं, कला और वाणिज्य, तथा अलग अलग विषयों से सम्बंधित विशेष ज्ञान,

अब सवाल ये है कि – शिक्षा की जरूरत क्यों है ? तो इसका जवाब है –

मानव सभ्यता हमेशा से विकासशील रहा है, विकास मानव के बुनियादी स्वभाव में है, और विना ज्ञान के विकास कर पाना संभव नहीं है,

“ज्ञान और शिक्षा ही है, जो एक मानव को जानवरों से अलग बनाता है ”

लेकिन क्या आज हम सभी

शिक्षा के प्रकार

अगर, आज व्यावहारिक रूप में शिक्षा के प्रकार (Types of Education) की बात की जाये, तो आज तीन तरह की शिक्षा देखने को मिलती है –

  1. स्कुली शिक्षा (Academic Education)
  2. व्यावसायिक शिक्षा (Professional Education)
  3. आर्थिक शिक्षा (Financial Education)

स्कूली शिक्षा

स्कूली शिक्षा से मतलब है, जो शिक्षा हमें बचपन में हमें पढना, लिखना और सिखाती है, इसमें मुख्य रूप से हम भाषा का ज्ञान और कुछ विषय विशेष के बारे में बुनियादी बातो को सीखते है,

और आम तौर पर स्कूली शिक्षा के पूरा होने पर हमें पढना लिखना सिख जाते है और साथ ही अलग अलग विषयों के बुनियांदी जानकारी भी हासिल कर लेते है,

इसके बाद हम किसी एक विषय के बारे में विशेष ज्ञान हासिल करना चाहते है, और उस विषय में उच्च शिक्षा हासिल करते है,

इस तरह की शिक्षा हम सभी के लिए भाषाओ का ज्ञान और बुनियादी बातो को समझने के लिए बहुत आवश्यक होता है.

आर्थिक शिक्षा की जरूरत

आज हमारी शिक्षा पद्धति का मुख्य उद्देश्य है – अच्छी से अच्छी शिक्षा हासिल करना और फिर अच्छी नौकरी हासिल करके अपनी जीवन को आर्थिक रूप से आरामदेह बनाना,

अगर सीधे सीधे बात करू तो – हम पढ़ते लिखते है ताकि अच्छा पैसा कमा सके और आर्थिक रूप से सफल हो सके, लेकिन क्योकि हमारा स्कूल सिस्टम असली जिदंगी में आर्थिक शिक्षा की जरूरत को नजरअंदाज कर देता है, और इसका परिणाम ये होता है कि – स्कूल में अच्छी पढाई लिखाई करने के बावजूद असली जिन्दगी में ज्यादातर लोग सिर्फ नौकरी के जाल में फसे रह जाते और एक औसत जिन्दगी से ज्यादा सफलता हासिल नहीं कर पाते,

आम जिन्दगी में हर माँ बाप अपने बच्चे को स्कूल भेजता है और उसे मन लगाकर पढने की सलाह देता है, ताकि बाद में उसे अच्छी नौकरी मिल जाये, या फिर वह लाइफ में आर्थिक रूप से सफल हो जाये,

लेकिन, सवाल ये है कि क्या स्कूल में बहुत अच्छा ग्रेड लाना इस बात की गारंटी है कि बच्चा जीवन में आर्थिक रूप से जरुर सफल होगा ?

तो इसका जवाब माँ बाप ये देते है कि – “हमारा काम था, बच्चे को अच्छे से पढ़ाना और लिखाना और वो हमने कर दिया, अब बाकी सब तो बच्चे के ऊपर निर्भर करता है कि, वह कितना सफल हो पायेगा”

लेकिन सच तो ये है कि – एक माँ बाप के तौर पर हम सभी

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